रूह से रूह तक का सफ़र

इश्क़-ए-हक़ की राह में रूहानी नूर का पैग़ाम

यह दरगाह-ए-मोहब्बत दिलों को जोड़ने, इंसानियत की ख़िदमत करने और हर कदम पर सब्र व शुक्र की तालीम देने के लिए समर्पित है।

हमारे रूहानी पेशवा

ईलाही बाहुर्मते राज़ो नियाज़ हज़रत शेख मोहम्मद आदिल शाह क़ादरी अल-चिश्ती इफ्तेखार सरकार पीर साबिर अफी अन्हु ।

रूहानी चिन्ह
ज़िक्र
फ़िक्र
ख़िदमत

हमारी रूहानी राह

सुफ़ी तालीम का मकसद सिर्फ़ इल्म नहीं, बल्कि दिल की सफ़ाई, अख़लाक़ की खूबसूरती और अमल में इंसानियत लाना है।

01

ज़िक्र और तज़किया

हर रोज़ अल्लाह की याद से दिल को रोशन करना, नफ़्स को पाक करना और रूह को चैन देना।

02

मोहब्बत और अख़लाक़

हर इंसान के साथ नरमी, अदब और रहम का व्यवहार करना ही सुफ़ी तरीक़े की पहचान है।

03

ख़िदमत-ए-ख़ल्क़

मदद, दुआ और सेवा के जरिए समाज में अमन और भाईचारा मजबूत करना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है।

“जहाँ मोहब्बत होती है, वहीं दिल में नूर उतरता है, और जहाँ नूर उतरता है वहाँ इंसानियत खिल उठती है।”

महफ़िल और रूहानी इज्तिमा

साप्ताहिक व मासिक सभाएँ, दुरूद-ओ-अज़कार और तालीमी बैठकों के जरिए हर उम्र के लोगों को रूहानी मार्गदर्शन दिया जाता है।

हर गुरुवार

शाम 7:30 बजे - महफ़िल-ए-ज़िक्र

कुरआन तिलावत, वाज़ और सामूहिक दुआ
हर शुक्रवार

जुमा के बाद - रूहानी नसीहत

युवा और परिवार के लिए खास तालीमी सत्र
हर महीने की 11 तारीख

रात 9:00 बजे - ख़ुसूसी फ़ातिहा

अमन, बरकत और सेहत के लिए सामूहिक दुआ

रब्ता और ज़ियारत

अगर आप रूहानी मार्गदर्शन, दुआ या महफ़िल में शामिल होना चाहते हैं तो नीचे दिए गए माध्यम से संपर्क करें।

दरगाह पता

पीर आदिल ट्रस्ट, मुख्य रूहानी केंद्र
आपका शहर, आपका जिला, भारत

संपर्क

मोबाइल: +91 99999 99999
ईमेल: info@peeradiltrust.in

ज़ियारत का समय

रोज़ाना सुबह 9:00 से दोपहर 1:00 तक
शाम 5:00 से रात 9:00 तक

दुआ की दरख़्वास्त

अपना नाम और मसअला व्हाट्सऐप पर भेजें। महफ़िल में सामूहिक दुआ की जाएगी।